Claude का Dispatch — फ़ोन से आपका अपना PC कैसे चलता है, और वह कितना सुरक्षित है
Dispatch वह फ़ीचर है जिसमें आप अपने फ़ोन से निर्देश भेजते हैं और Claude वह काम आपके अपने कंप्यूटर पर करता है (बीटा, Pro और Max)। यह क्लाउड में नहीं चलता; आपकी असली मशीन चलती है, और इसी एक तथ्य से इसका फ़ायदा भी निकलता है और इसका ख़तरा भी। आधिकारिक हेल्प कहती है कि आप अपने फ़ोन से Claude को संदेश भेजकर उससे अपने डेस्कटॉप कंप्यूटर पर काम करवा सकते हैं, और वह इसके लिए वही connector, plugin और फ़ाइल-एक्सेस इस्तेमाल करता है जो आपने Cowork में पहले से सेट कर रखे हैं — Anthropic इसे एक लगातार चलती बातचीत बताता है जिस तक दोनों डिवाइस से पहुँचा जा सकता है। इसे चलाने के लिए PC का जगा होना और डेस्कटॉप ऐप का खुला होना ज़रूरी है, और कंप्यूटर उपयोग सिर्फ़ macOS तथा Windows पर समर्थित है, Linux पर कंप्यूटर उपयोग है ही नहीं। मशीनरी के लिहाज़ से यह प्राथमिकता की तीन सीढ़ियाँ उतरता है: connector अगर मौजूद हो, न हो तो ब्राउज़र चलाना, और आखिरी उपाय के तौर पर स्क्रीन से सीधा व्यवहार — बीच-बीच में वह स्क्रीन समझने के लिए स्क्रीनशॉट भी लेता है। असली आकलन इसके बाद शुरू होता है। जहाँ यह रुकता है, वे जगहें डिज़ाइन में रखी गई हैं: कंप्यूटर उपयोग डिफ़ॉल्ट रूप से बंद है और Settings, General के नीचे चालू होता है; हर नए ऐप के लिए अलग से permission माँगी जाती है; किसी फ़ाइल को स्थायी रूप से मिटाने के लिए साफ़ permission चाहिए; और निवेश तथा ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म एवं क्रिप्टोकरेंसी ऐप डिफ़ॉल्ट रूप से दायरे से बाहर हैं। पर कुछ जगहें ऐसी भी हैं जहाँ यह नहीं रुकता। पहले से मंज़ूर किए ऐप के भीतर की अलग-अलग कार्रवाइयों की पुष्टि आपसे नहीं ली जाती, और आधिकारिक शब्द यही हैं कि Claude आपकी स्क्रीन पर सीधे क्लिक करता है, टाइप करता है और नेविगेट करता है, उन permission जाँचों के बिना जो बाकी Cowork tool पर लगती हैं। दस्तावेज़ यह भी जोड़ते हैं कि Claude और आपकी स्क्रीन पर मौजूद चीज़ों के बीच कोई sandbox नहीं है, और एक ऐप में की गई कार्रवाइयाँ दूसरे ऐप पर असर डाल सकती हैं। सबसे बड़ा जोखिम prompt injection है, जिसे Anthropic अपने शब्दों में यूँ रखता है: वेब का कंटेंट prompt injection हमलों का एक प्रमुख रास्ता है, और कोई तोड़-मरोड़कर डाला गया निर्देश, कोई अप्रत्याशित कमांड, या आपके ब्राउज़र में खुला कोई फ़िशिंग लिंक ऐसी कार्रवाइयों की शृंखला में बदल सकता है जिन्हें पलटना मुश्किल या असंभव हो। Anthropic कहता है कि वह ऐसा व्यवहार पकड़ने के लिए मॉडल की भीतरी activations स्कैन करता है, पर इससे संभावना घटती है, आपकी अपनी रेखा खींचने की ज़रूरत खत्म नहीं होती, और मार्गदर्शन अब भी यही कहता है कि जब कोई काम संवेदनशील फ़ाइलों, खातों या साइटों को छूता हो तो मैनुअल मंज़ूरी पर चले जाइए। Anthropic सीमा नाम लेकर बताता है: संवेदनशील ऐप, जैसे बैंकिंग, स्वास्थ्य-सेवा और सरकारी, को कंप्यूटर उपयोग की permission मत दीजिए, और वित्तीय खातों, कानूनी दस्तावेज़ों, चिकित्सा जानकारी तथा निजी डेटा से बचिए। लेख फ़ोन वाली तरफ़ को भी उठाता है। हैंडसेट खोने पर जो रिसता है वह उसमें रखा डेटा नहीं, बल्कि आपके PC को आदेश देने की हैसियत है, और साथ में लगातार चलती बातचीत का सामान — और Dispatch की आधिकारिक हेल्प अनपेयर करने या खोए डिवाइस से निपटने का कोई ब्योरा नहीं देती, इसलिए उपाय खाते की तरफ़ से आते हैं: Settings, Account, Active sessions में जाकर उस एक session को खत्म करना, claude.ai से हर session का लॉगआउट करना (जो मोबाइल ऐप में उपलब्ध नहीं है और इसलिए वेब ब्राउज़र माँगता है), या फिर बस PC वाली तरफ़ काट देना, यानी डेस्कटॉप ऐप बंद कर देना या मशीन को स्लीप में जाने देना — दरअसल यही सबसे तेज़ है, क्योंकि Dispatch को PC का जगा होना और ऐप का खुला होना चाहिए। आखिर में लेख Dispatch और कंप्यूटर उपयोग को दो अलग स्विच के रूप में अलग करता है, दोनों को Claude Code के agent view से भी अलग करता है (जिसकी क्रिया को आधिकारिक दस्तावेज़ dispatch कहते हैं), और एक व्यावहारिक रेखा खींचता है: शुरुआत उस काम से कीजिए जिसे वापस लिया जा सके।