AI कोडिंग प्रैक्टिस ― Claude Code, Cursor और Copilot में महारत
AI से कोड लिखवाने वाले टूल्स को असली काम में इस्तेमाल करने का प्रैक्टिकल कोर्स। Claude Code को केंद्र में रखकर, इंस्टॉल और परमिशन सेटिंग से लेकर, टूल का सही चुनाव, अच्छा निर्देश देना (वाइब / स्पेक-ड्रिवन), एरर सुलझाना, एक्सटेंशन और कॉस्ट मैनेजमेंट तक — पूरे 7 अध्यायों में समझाता है।
इस कोर्स के बारे में
यह कोर्स किनके लिए है
- कोड लिखना आता है, पर AI एडिटर का इस्तेमाल ऑटो-कंप्लीट से आगे नहीं बढ़ पाया।
- AI से लिखवाए कोड की समीक्षा में ही उल्टा ज़्यादा समय चला जाता है।
- टीम में लागू करने से पहले परमिशन की सेटिंग और लागत का गणित समझ लेना चाहते हैं।
कोर्स पूरा करने पर आप क्या कर पाएँगे
- Claude Code, Cursor और Copilot को मौके के हिसाब से अलग-अलग इस्तेमाल कर पाएँगे।
- वाइब कोडिंग और स्पेक-ड्रिवन तरीके के बीच सोच-समझकर स्विच करके दोबारा काम करने की नौबत घटा पाएँगे।
- ज़रूरत से ज़्यादा परमिशन देना और ज़रूरत से ज़्यादा टोकन खर्च करना, दोनों से बचने वाली सेटिंग कर पाएँगे।
ज़रूरी पूर्वज्ञान
बुनियादी प्रोग्रामिंग अनुभव और टर्मिनल चलाना आना चाहिए। भाषा कोई भी हो, फ़र्क नहीं पड़ता।
पढ़ने की गति का अनुमान
कुल 7 अध्याय, हर अध्याय 15 से 20 मिनट। अपने सिस्टम पर साथ-साथ चलाकर देखेंगे तो बात पक्की बैठेगी।
विषय सूची
1
अध्याय 1
AI कोडिंग टूल्स की पूरी तस्वीर ― CLI, एडिटर, क्लाउड और चुनाव
2
अध्याय 2
Claude Code शुरू करें ― इंस्टॉल से पहले निर्देश तक
3
अध्याय 3
Cursor, Copilot और Codex की तुलना और सही चुनाव
4
अध्याय 4
अच्छे से काम करवाएँ ― वाइब कोडिंग और स्पेक-ड्रिवन डेवलपमेंट
5
अध्याय 5
अटकन से निकलें ― आम एरर और उनका समाधान
6
अध्याय 6
एक्सटेंशन से क्षमता बढ़ाएँ ― hooks, MCP, subagents वग़ैरह
7
अध्याय 7
कॉस्ट और एफ़िशिएंसी ― टोकन और उपयोग-सीमा का समझदारी से प्रबंधन
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